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टीएमयू में स्मार्ट कॉन्फ्रेंस का शंखनाद : रूस के डॉ. डेनिला पैरिगिन बोले मौजूदा वक्त डिजिटलाइजेशन का

टीएमयू में स्मार्ट-2021 के शंखनाद पर दीप प्रज्जवलित करते कुलाधिपति सुरेश जैन, आईजी एटीएफ डॉ. जीके गोस्वामी आदि।

10 दिसंबर 21, मुरादाबाद (प्रो.एसएस भाटिया, डॉ. संदीप वर्मा, प्रदीप गुप्ता)
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के एफओईसीएस की ओर से दो दिनी सिस्टम मॉडलिंग एंड एडवांसमेंट इन रिसर्च ट्रेंड्स स्मार्ट-2021 इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के उदघाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि यूपी के आईजी एटीएस डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा, जीवन के हर क्षेत्र में रिसर्च की हमेशा दरकार है। ऐसे में अनुसंधान विकास का मुख्य स्तंभ है। उन्होंने रिसर्च और एजुकेशन पर फोकस करते हुए इनके बीच एक बेहतर सेतु कायम करने का आह्वान किया। शिक्षा के महत्व पर बोले, आप जितने शिक्षित होंगे, किसी समस्या के उतने ही बेहतर समाधान आपके पास होंगे। उन्होंने कानून को परिभाषित करते हुए कहा, कानून का मकसद लोगों और उनकी सम्पत्ति की रक्षा करना है, इसके क्रियान्वन के लिए खाकी की भूमिका को रेखांकित किया। समाज के लिए कानून बनाते समय जेआरएफ बेहद महत्वपूर्ण है। जेआरएफ को विस्तार में बताते हुए बोले, किसी भी कानून में जे फॉर जस्टिस, आर फॉर रिजनेवल, और एफ फॉर फेयर होना जरूरी है। टीएमयू की आॅडी में उपस्थित रिसर्चर्स और शिक्षाविदों से बोले, भारतीय और वैश्विक शोध के बीच बड़ा फासला है, यह बड़ा अंतर सिर्फ स्टडी, स्टडी और स्टडी से ही दूर हो सकता है। बॉलीवुड के नामचीन स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को उद्धत करते हुए बोले, उम्दा ड्राफ्टिंग के लिए उत्कृष्ट राइटर्स को पढ़ना पहली शर्त है।

बी क्रिएटिव एंड इंनोवेटिव

मुख्य वक्ता वोल्गोग्राड राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय रूस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डेनिला पैरिगिन ने कहा, टीएमयू को डिजिटल नॉलेज को प्रमोट कर रहा है। मौजूदा वक्त डिजिटलाइजेशन का है। इसके लिए डिजिटल साक्षर होना जरूरी है। आने वाला वक्त बिग डेटा और आॅटोमेशन का है। जीवन शैली के बदलाव में डिजिटल टेक्नालॉजी का अहम रोल है। डिजिटल स्किल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स की डिमांड भी बढ़ गई है। एथिकल इंटेलीजेंस, बिग डेटा एनालेटिक्स, इमोशनल इंटेलीजेंस और आर्टिफिशियल इंजेलीजेंस वर्तमान के उभरते हुए क्षेत्र हैं। रोबोटिक्स आपरेटर्स एंड इंजीनियर्स की डिमांड दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। इससे पूर्व तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुरेश जैन ने अपने संक्षिप्त मगर सारगर्भित संबोधन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 10वीं स्मार्ट कॉन्फ्रेंस का आगाज मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुआ। इस मौके पर कुलाधिपति सुरेश जैन, मुख्य अतिथि यूपी के आईजी एटीएस डॉ. जीके गोस्वामी, गेस्ट आॅफ आॅनर एसएसपी मुरादाबाद बबलू कुमार, निदेशक प्रशासन अभिषेक कपूर, एफओईसीएस के निदेशक एवं स्मार्ट के कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो. आरके द्विवेदी, टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा, डीन एकेडमिक डॉ. मंजुला जैन, ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. ज्योति पुरी आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। स्टुडेंट्स ने गणेश वंदना की मनमोहक और भावपूर्ण प्रस्तुति दी। अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर बुके भेंट किए गए। कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग्स का भी विमोचन हुआ। संचालन डॉ. सोनिया जयन्त और मिस इंदु त्रिपाठी ने किया।

कांफ्रेंस प्रोसिडिंग्स का भी विमोचन

एसएसपी बबलू कुमार आईआईटी कानपुर में अपने छात्र जीवन को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा आईपीएस कार्यकाल के दौरान मैं टेक्नालॉजी से दूर हो गया हूं लेकिन इतने बड़े संस्थान तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में आकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। बेहद संक्षिप्त संबोधन में कॉन्फ्रेंस की प्रोसीडिंग का जिक्र करते हुए बोले, इतनी विविधताओं के रिसर्च पेपर्स आए हैं कि सबको कुछ न कुछ लाभ अवश्य मिलेगा। कुलाधिपति सुरेश जैन ने छात्रों से मुखातिब होते हुए उम्मीद जताई, स्मार्ट के ये बेशकीमती दो दिन आपके जीवन में मील का पत्थर साबित होंगे। बशर्ते आप इस कॉन्फ्रेंस में दिल और दिमाग के साथ शामिल हों। यदि आप कभी जीवन में किन्हीं समस्याओं से रूबरू होंगे तब इस कॉन्फ्रेंस का कोई न कोई अनुभव आपकोे नई राह दिखाएगा। कुलाधिपति ने अपने संबोधन में आशा जताई, इस तकनीकी कॉन्फ्रेंस में शामिल मेहमानों के अनुभवों का टीएमयू के छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा। विशिष्ट अतिथि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी, हरियाणा के कुलपति एंड टीएमयू के फाउंडर वीसी प्रो आर.के. मित्तल यूनिवर्सिटी से अपने जुड़ाव को बयां करते हुए कहा, यूनिवर्सिटी प्रारम्भ से ही अपने स्टुडेंट्स के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। सूचना प्रोद्योगिकी के विस्तार पर बोले, दुनिया में कोई भी ऐसा सेक्टर नहीं है, जो आईटी के इंफ्रास्ट्रक्चर से अछूता हो। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या बैंकिग, मेडिकल आदि में अति महत्वपूर्ण रोल है। देश के उत्तरोतर विकास के लिए हमें सीमित संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने नागपुर सीवेरेज प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा, वैकल्पिक ऊर्जा संसाधन के रूप में बायोगैस उत्पादित की जा रही है। आज टेक्नालॉजी इंटीग्रेशन का जमाना है। टीएमयू में भी मल्टी डिसेप्लनरी शिक्षा दी जा रही । ऐसी शिक्षा से तमाम समस्याओं का समाधान संभव है। हमें जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनना है, क्योंकि उद्यमिता में विशाल अवसर हैं। उद्यमिता के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। चुनौतियां भी हैं, लेकिन युवा जोखिम लेने से कतई ने घबराएं। उन्होंने अंग्रेजी में कहा, बी क्रिएटिव एंड इनोवेटिव।

स्टुडेंट्स के सर्वांगीण विकास को टीएमयू संकल्पित

टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा ने टीएमयू की उपलब्धियों में एफओईसीएस के बहुमूल्य योगदान का जिक्र करते हुए बोले, न केवल देश और दुनिया की जानी-मानी कंपनियों- एनवीडिया, टीसीएस आयोन, गूगल, आईबीएम, आईनर्चर आदि से करार हुआ बल्कि सालाना स्मार्ट की लगातार 10वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस किसी इतिहास से कम नहीं है। स्टार्टअप्स, इंनोवेशन, पब्लिकेशन्स, रिसर्च, पेटेन्ट्स में गजब की सक्रियता यूनिवर्सिटी की तरक्की में अहम रोल अदा करेंगे। कॉन्फ्रेंस में कॉन्फ्रेंस चेयर एवं सीसीएसआईटी के एचओडी डॉ. अशेन्द्र कुमार सक्सेना, उप निदेशक सुरक्षा आरपी गुप्ता, डॉ. शंभु भारद्वाज, डॉ. अर्पित जैन, डॉ. संदीप वर्मा, मनोज गुप्ता आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही जबकि पहले सत्र में सहायक निदेशक प्लेसमेंट विक्रम रैना और दूसरे सत्र में प्रो. आरसी त्रिपाठी ने वोट आफ थैंक्स दिया।

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