यूजीसी के नए नियम के खिलाफ लखनऊ में बड़ा विरोध प्रदर्शन,सड़क पर उतरे सवर्ण समाज के लोग,की कानून वापस लेने की मांग
लखनऊ:- यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सवर्ण समाज के लोगों ने राजधानी लखनऊ में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।यूजीसी के कानून को वापस लेने की मांग की।सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी के नए नियम को भेदभावपूर्ण बताया है। परिवर्तन चौक से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई।यूजीसी के खिलाफ सवर्ण मोर्चा के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लखनऊ में सुरक्षा के जबरदस्त इंतज़ाम किए गए थे।इस इलाके में बड़ी संख्या में लखनऊ पुलिस के सीनियर ऑफिसर्स के साथ-साथ RAF फोर्स की तैनाती हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए कानून पर लगाई है रोक
बता दें कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश समेत देश के कई शहरों में यूजीसी के नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं।मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा।सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए कानून पर रोक लगाई हुई है।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया यह नियम अस्पष्ट है और इसके बहुत व्यापक परिणाम हो सकते हैं। इसका प्रभाव खतरनाक रूप से समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने दायर तीन याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी से 19 मार्च तक जवाब मांगा। याचिकाओं में यह आपत्ति उठाई गई है कि इन नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सदस्यों के खिलाफ होने वाले भेदभाव तक ही सीमित रूप में परिभाषित किया गया है। पुराना नियम बहाल सुप्रीम कोर्ट ने नियम 3(1)(सी) के तहत संस्थागत संरक्षण से सामान्य श्रेणियों को बाहर रखने वाली जाति-आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा को स्थगित करने का निर्देश दिया था और यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2012 को बहाल कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि हम अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश देते हैं कि 2012 के विनियमन अगले आदेश तक लागू रहेंगे।

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