फ़र्रूख़ाबाद

बसपा जिलाध्यक्ष की तानाशाही से हो रहा बसपा को नुकसान , ज्यादातर कार्यकरता कर रहे घुटन महसूस


Farrukhabad:अंदर की बात को देखे तो फर्रुखाबाद जिले में बसपा का जनाधार पार्टी की अच्छी रीती निति व् मजबूत वोट बैंक होने के बाबजूद जिलापंचायत के चुनाव में खुलकर धांधली की गयी जिससे जिताऊ कैंडिडेटों को टिकट नहीं दिए गए जबकि एक अच्छी जीत को फर्रुखाबाद में हासिल किया जा सकता था जिलाध्यक्ष की मनमानी के चलते उलटे सीधे व् अन्य पार्टियों के संपर्क में रहने बाले लोगों को टिकट दे दिए गए जो अब किसी भी मीटिंग में नजर नहीं आते है वरिष्ठ कार्यकरता हो या छोटा कार्यकरता जिसको हटाना होता है उसको सुचना देना बंद कर दिया जाता है। और जब मंडल के जोनल कोऑर्डिनेटरों के सामने किसी को नया कार्यकरता बनाना हो उसे पेस कर दिया जाता है।

बसपा में चैनल से कार्य व् सूचना दी जाती है लेकिन फर्रुखाबाद में किसी भी कंडीशन का नहीं किया जाता उपयोग


बसपा में अनुसाशन को प्रथम बरीयता में रखा जाता है जबकि जिले के पदाधिकारियों को जिला कमेटी व् विधानसभा के पदाधिकारियों को विधानसभा कमेटी सुचना देने का कार्य करती है। किसी न किसी को ये जिम्मेदारी दी जाती है की वो सुचना दे लेकिन ऐसा नहीं होता है। जिसको नहीं बुलाना होता है। उसे सूचना नहीं दी जाती है। जिससे जिसको हटाना हो तो आसानी से हटाया जा सके 24webnews के ब्यूरोचीफ के अनुसार पार्टी के अंदर गहरा गतिरोध है जबकि पार्टी का नुकसान न हो इसलिए कार्यकरता चुपचाप सबकुछ सह रहे हैं।

पूर्व पदाधिकारियों को कम्पटीटर की नजर से देखते हैं जिलाध्यक्ष नागेंद्र पाल जाटव

फर्रुखाबाद शहर निवासी व् पार्टी के विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे एक कार्यकरता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की जिलाध्यक्ष अपनी मनमानी कर रहा है जिससे बहन जी को धोखा मिल रहा है। अगर बहन जी को मुख्यमंत्री हर हाल में बनाना है तो जिले की स्थति सँभालने के लिए किसी निष्पक्ष चेहरे को जिम्मेदारी मिले जो संगठन को व् जो प्रत्याशी फर्रुखाबाद में उतारे जाएँ उनको जीत दिला सके जिस तरह से प्रत्याशी चयन की सुचना मिल रही है उस तरह से फर्रुखाबाद में तीन सीटें बसपा जीत सकती है। लेकिन नागेंद्र पाल के रहते ये संभव नहीं है

ब्यूरोचीफ के अनुसार अगर उच्च पदाधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान तो खुलकर भी हो सकता है विरोध जो की बसपा के लिए ठीक नहीं होगा इस समय बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा व् खुद बसपा सुप्रीमो पार्टी की गतिविधियों पर नजर लगाए हुए है। जबकि फर्रुखाबाद में तेजतर्रार व् साफ छवि के जोनल कोऑर्डिनेटर व् एमएलसी भीमराव आंबेडकर को लगाया गया है। उन्तीस जुलाई को हुए मीटिंग में सैकड़ों कार्यकरता बसपा सेक्टर प्रभारी आछेलाल पाल की अगुआई में शामिल हुए जिनको भी जिलाध्यक्ष ने कोई खास तबज्जो नहीं दी

जिससे भीमराव आंबेडकर काफी नाखुश दिखे ,


मीटिंग में नहीं दिखा नीला रंग ,न बैठने की थी उचित व्यवस्था वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी नहीं मिल पायी कुर्सी
उर्मिला मैरिज लॉन में हुए थी मीटिंग जिसमे कई अव्यवस्थाएं थी जिसको देखकर मंडल के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ा रहा। मीटिंग में कम कुर्सियों को क्यों डलबाया गया कुछ कार्यकर्ताओं से हुए बातचीत से पता चलता है कि जिलाध्यक्ष जानबूझ कर ऐसा करते हैं। जिससे वो अपने सहयोगियों को बैठा सकें ताकि कोई विरोध की सम्भावना को काम किया जा सके जबकि मुख्यसेक्टर प्रभारी बौद्धप्रिया गौतम डैमेज कंट्रोल करते देखे गए

PUSHPENDRA KUMAR -BUREAU CHIEF FARRUKHABAD

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