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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हरसंभव कोशिश

उत्तर प्रदेश कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हरसंभव कोशिश जारी है। बुधवार (5 मई) से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर घर-घर जाकर एक फिर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करते हुए लक्षण के बारे में बताएंगी। सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार इत्यादि लक्षण मिलने पर मरीजों को घर पर मेडिकल किट उपलब्ध कराएंगी। यह अभियान पांच दिनों तक चलेगा।
इसी को देखते हुए मंगलवार को ब्लॉक स्तर पर सभी आशा कार्यकर्ता और सुपरबाईजर को प्रशिक्षण दिया जा चुका है |

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पाजिटिव की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र की जनता को औषधियां तथा उपचार सुलभ रूप से उपलब्ध कराने के लिए बुधवार से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वंदना सिंह ने बताया कि गृह भ्रमण के दौरान दो सदस्यीय टीम कोविड रोग के नवीन लक्षणों, रोग से बचाव के उपायों, उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं के विषय में लोगों को अवगत कराएगी। इसके साथ ही ऐसे लक्षण युक्त व्यक्तियों को जिन्हें तत्काल औषधि की आवश्यकता है उन्हें औषधि मुहैया कराएंगी।
कोरोना महामारी के नोडल और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव शाक्य ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर ही कार्ययोजना बनाई जा रही है। प्रत्येक टीम में आशा, आंगनवाड़ी वर्कर, अध्यापक अथवा निगरानी समिति के सदस्य में से उपलब्धता के आधार पर कुल दो सदस्य ही चयनित किए जाएंगे। यह विशेष अभियान पांच दिनों तक चलेगा। आवश्यक होने पर इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। प्रत्येक टीम को मेडिसिन किट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉ राजीव ने कहा इस कार्य को संपन्न करने के लिए जिले में 1,435 टीमें बनाई गईं हैं जिसमें प्रत्येक टीम में दो सदस्य होंगे साथ ही इस कार्य की निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए 287 सुपरवाईजर भी लगाये गए हैं |
लक्षणयुक्त मरीज की सूचना देगी टीम
जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक रणविजय प्रताप सिंह ने बताया कि टीमें लक्षणयुक्त व्यक्तियों को सूचीबद्ध कर उनकी सूचना ब्लाक तथा जनपद मुख्यालय को प्रेषित करेंगी। ऐसे सभी व्यक्तियों की नजदीकी जांच केंद्र पर जाकर जांच कराई जाएगी। कार्य योजना फॉर्मेट, रिर्पोटिंग फॉर्मेट, मेडिसिन किट के साथ रखे जाने वाले पम्फलेट का प्रारूप भी टीम के पास रहेगा ।
बुखार-खांसी-दस्त को न करें नजरअंदाज
आपको बुखार, खांसी-जुकाम है तो उसे साधारण फ्लू समझने की गलती बिल्कुल न करें। यह कोरोना के लक्षण भी हो सकते हैं। दस्त भी है तो भी डाक्टर से परामर्श अवश्य लें। कोविड-19 टेस्ट कराएं। रिपोर्ट के अनुसार इलाज कराएं।
मरीजों को यह भी सलाह

शुगर व उच्च रक्तचाप की जांच कराते रहें।
हृदय रोग, लिवर-किडनी के मरीज दवा समय पर लेते रहें।
टेलीमेडिसन के माध्यम से अपने चिकित्सक से जुड़े रहें।
बुजुर्ग मरीज घर से बाहर टहलने से परहेज करें।
गुनगुना पानी का सेवन करें।
मास्क पहनें, दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें।
हाथों की स्वच्छता का भी पूरी तरह ख्याल रखें।

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