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Madarsa sarvey in Up: हैरतंगेज खुलासों के साथ यूपी में मदरसा सर्वे शुरू ओवैसी और मदनी की नसीहत सीएम योगी ने की दरकिनार

मिल रहे फर्जी मदरसे

Madrasa Survey started in UP: यूपी में मदरसों का सर्वे (UP Madrasa Survey) कराने के मुद्दे पर भले ही AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी भले ही आग उगल रहे हों लेकिन सीएम योगी इससे बेपरवाह होकर कार्य कर रहे हैं.

उनके निर्देश पर पूरे यूपी में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो गया है. अभी तक की पड़ताल में एक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे का पता चला है. जिला प्रशासन सभी मदरसों को मिलने वाले फंड, वहां पढ़ाने वाले मौलाना, जमीन के मालिकाना हक जैसी चीजों की जानकारी जुटा हे हैं.

हमीरपुर-अलीगढ़ में जांच अधिकारियों को मिले 3 फर्जी मदरसे

प्रशासन की जांच (UP Madrasa Survey) में हमीरपुर जिले में पहले ही दिन फर्जी मदरसा पकड़ में आया है. वह मदरसा बिना सरकार से मान्यता लिए गुपचुप रूप से चलाया जा रहा था. इसी तरह अलीगढ़ में भी 2 मदरसे बिना मान्यता के चलते हुए पाए गए. दोनों मदरसों में 350 बच्चो को कुरान और हदीस रटाई जा रही थी. जांच करने करने पहुंचे नगर शिक्षा अधिकारी ने जब मदरसों की मान्यता के बारे मे सवाल किया तो बच्चों को पढ़ा रहे मौलाना कोई जवाब नहीं दे सके.

बिजनौर जिले में भी 3 मदरसों का सर्वे किया गया. वहां पर जमीन, फंड और पढ़ाने वाले मौलानाओं के बारे में कई अनियमितता देखने को मिली. आगरा जिले में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने टीमों का गठन कर दिया है. ये टीमें शासन द्वारा दिए गए 12 बिंदुओं पर मदरसों की जांच करेंगी.

यूपी के इन जिलों में भी जांच की कार्रवाई शुरू

बुलंदशहर में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों (UP Madrasa Survey) को लेकर प्रशासन की जांच पड़ताल शुरू हो गई है. हालांकि अभी तक की जांच में कोई मदरसा गैर मान्यता के चलता नहीं पाया गया है. आजमगढ़ में भी डीएम ने मदरसों की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम का गठन किया है. यह टीमें एक-एक कर जिले के सभी मदरसों की जांच करेंगी. वहीं बाराबंकी जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है. टीम ने मंगलवार को कई मदरसों में पहुंचकर वहां की जानकारी जुटाई.

मौलाना अरशद मदनी ने दी थी यूपी सरकार को  नसीहत

यूपी के मदरसों का सर्वे होने से जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulama-e-Hind) के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी (Maulana Syed Arshad Madani) बौखला गए हैं. मदनी दारूल उलूम देवबंद के प्रिंसिपल और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं. मदनी ने कहा कि अगर मदरसों का सर्वे जरूरी है तो दूसरे शिक्षण संस्थानों का क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि मदरसों में शुद्ध धार्मिक शिक्षा दी जाती है और यह अधिकार हमें देश के संविधान द्वारा दिया गया है. यहां आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. मदरसों का अस्तित्व देश के विकास के लिए है. मदरसों के दरवाजे हमेशा सबके लिए खुले है.

मंत्री ने कहा, मदरसों का सर्वे एकदम ठीक

वहीं यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि मदरसों का सर्वे (UP Madrasa Survey) एक अच्छा काम है. इससे मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी. उनका बेहतर स्वास्थ्य हो, इसका लिए सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सर्वे की मंशा बहुत ठीक है और इस पर अनावश्यक रूप से संशय नहीं किया जाना चाहिए

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