बिजली बिल का नया झटका! चुपचाप बढ़ा दिया लोड, जेब पर बढ़ा बोझ
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग बिना पूर्व सूचना दिए तीन माह की अधिकतम खपत के आधार पर कनेक्शन का भार बढ़ा देता है, जिससे फिक्स चार्ज और अन्य शुल्क भी बढ़ जाते हैं। वहीं, खपत कम होने पर विभाग स्वतः लोड कम नहीं करता और इसके लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है। हाल ही में प्रदेश के करीब 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का भार बढ़ाए जाने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बढ़े हुए लोड के कारण बिजली बिल और सिक्योरिटी राशि पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह विभाग स्वतः लोड बढ़ाता है, उसी तरह खपत कम होने पर उसे स्वतः घटाने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि ट्रांसफार्मरों और विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव से बचने के लिए वास्तविक खपत के अनुसार लोड संशोधित किया जाता है। यदि कोई उपभोक्ता लोड कम कराने के लिए आवेदन करता है और जांच में उसकी मांग सही पाई जाती है, तो नियमानुसार भार कम किया जाता है।

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