चुनाव से पहले बसपा में उठापटक, तीन नेताओं के निष्कासन से कार्यकर्ताओं में असंतोष
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं—धर्मवीर अशोक, जयप्रकाश और सरफराज राइन—को निष्कासित कर बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। इन नेताओं का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में मजबूत प्रभाव रहा है, ऐसे में इस निर्णय के राजनीतिक असर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। धर्मवीर अशोक को पार्टी संस्थापक कांशीराम के करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है और उन्हें विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। वहीं जयप्रकाश की लंबे समय बाद पार्टी में वापसी हुई थी और वे युवाओं को जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके निष्कासन को लेकर संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति भी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक हस्तक्षेप और आंतरिक मतभेदों के चलते यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, इसके पीछे आंतरिक गुटबाजी की भी चर्चा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण और संगठन की रणनीति पर पड़ सकता है। पार्टी पहले ही कई सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति कर चुकी है और जल्द प्रत्याशी घोषित किए जाने हैं। ऐसे में इन नेताओं के निष्कासन से बसपा के चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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