फर्रुखाबाद फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित मकानों और दुकानों को गिराए जाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा उन्हें बिना विधिवत सुनवाई के बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।
पूरा मामला क्या है
ज्ञापन के अनुसार, पूर्व में पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा इन निवासियों को मकान और दुकान गिराने के नोटिस दिए गए थे, जिसके खिलाफ निवासियों ने फतेहगढ़ सिविल न्यायालय और उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं।
निवासियों का दावा है कि उच्च न्यायालय ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया था कि जब तक याचिकाकर्ता को पूरी तरह सुना न जाए, तब तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखी जाए। इसके बावजूद, निवासियों ने अपने स्वामित्व के कागजात और नक्शा पास होने के प्रमाण भी संबंधित अधिकारियों को दिए थे।
निवासियों का आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि:
- माननीय नगराधिकारी, फतेहगढ़ ने 08-02-2026 को जिलाधिकारी को प्रेषित आख्या में इस प्रकरण को निस्तारित करने की संस्तुति की थी।
- इसके बाद 29-04-2026 को निवासियों को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उन दस्तावेजों पर कार्रवाई करने के बजाय 24-06-2026 को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उनके मकान और दुकानों को खाली करने के लिए डुग्गी पिटवा दी गई।
क्या है मांग?
प्रभावित निवासियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता को निर्देशित करने का आग्रह किया है कि वे निवासियों के मकानों और दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई से रुकें। इस ज्ञापन पर एडवोकेट अभिषेक गुप्ता, हरीश चंद्र तिवारी और अन्य स्थानीय निवासियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।


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