उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) को लेकर पावर कॉरपोरेशन को पारदर्शी और नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए हैं। आयोग के आदेश के बाद बिजली कंपनियां एफपीपीसीए में पुराने बकाए को शामिल नहीं कर सकेंगी। इससे जुलाई में मिलने वाले जून माह के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और बिल चार प्रतिशत तक कम हो सकता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा है कि जुलाई के एफपीपीसीए समायोजन में अब तक का सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।

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